Chhattisgarh Balodabazar News: बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में 27 सितंबर को आयोजित राष्ट्रव्यापी महापरीक्षा के दौरान साक्षरता की अनूठी मिसाल देखने को मिली। परीक्षा केंद्र पर एक ही परिवार के पति-पत्नी, सास-ससुर और बेटा-बहू ने उत्साह के साथ परीक्षा दी। परिवार के सदस्यों की इस भागीदारी ने साक्षरता अभियान के प्रति लोगों की जागरूकता और उत्साह को सामने रखा। कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं प्राधिकरण की उपाध्यक्ष दिव्या अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस परीक्षा के लिए जिले में कुल 1467 शिक्षार्थियों को चिन्हांकित किया गया था। इनमें से 1403 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। जिले में महापरीक्षा के लिए कुल 157 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। संबंधित ग्राम एवं वार्ड के प्रभारी प्रधानपाठक को केंद्राध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि संस्था के शिक्षकों ने पर्यवेक्षक और मूल्यांकन की भूमिका निभाई। परीक्षा में शिक्षार्थियों से पढ़ने, लिखने और गणित से जुड़े प्रश्न पूछे गए। प्रत्येक विषय के लिए 50-50 अंक निर्धारित किए गए थे और परीक्षा कुल 150 अंकों की थी। महापरीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षार्थियों को स्वयंसेवी शिक्षकों की मदद से उनकी सुविधा के अनुसार स्थान और समय पर पढ़ाई कराई गई थी। शिक्षार्थियों ने 200 घंटे और सात अध्याय के आधार पर अध्ययन किया। परीक्षा में सफल शिक्षार्थियों को स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की ओर से अंक पत्र सह साक्षरता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। परीक्षा से एक-दो दिन पहले केंद्राध्यक्ष, संबंधित संस्था के शिक्षक और स्वयंसेवी शिक्षकों ने शिक्षार्थियों के घर पहुंचकर उन्हें पीला चावल और शिक्षार्थी पर्ची देकर परीक्षा में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया था। शिक्षार्थियों को अपनी सुविधा के अनुसार इस अवधि में परीक्षा केंद्र पहुंचकर परीक्षा देने की सुविधा दी गई। परीक्षा केंद्रों पर शिक्षार्थियों के लिए उत्साहपूर्ण और सुविधाजनक वातावरण तैयार किया गया था। केंद्रों में पर्याप्त रोशनी, हवा और पेयजल की व्यवस्था की गई। कई केंद्रों को रंगोली से सजाया गया और शिक्षार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। कुछ केंद्रों पर सेल्फी पॉइंट भी बनाए गए। साक्षरता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए गांवों की दीवारों पर साक्षरता संबंधी नारे लिखे गए और परीक्षा केंद्रों पर पोस्टर एवं बैनर लगाए गए। पूरे आयोजन में शिक्षार्थियों के साथ स्वयंसेवी शिक्षकों और शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। शेयर करें Post navigation Raipur News: पेजेंट में शानदार प्रदर्शन के साथ हर्षिका सौंधी ने हासिल किया विजेता खिताब, सामाजिक मुद्दों पर आधारित रही क्रिएटिव प्रस्तुति Raipur News: वोट चोरी के आरोपों को लेकर भूपेश बघेल का केंद्र पर हमला, ज्ञानेश कुमार के जरिए चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने का लगाया आरोप