Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को RDA जमीन विवाद, LPG और दूध की कीमतों में बढ़ोतरी, आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों पर कार्रवाई, नगर निगम में अधिकारियों और महापौर के बीच विवाद, महानदी जल विवाद और धर्मांतरण समेत कई मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। इस दौरान उन्होंने मंत्री केदार कश्यप से जुड़े पुराने परीक्षा प्रकरण का भी उल्लेख किया और सरकार की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की।

RDA की जमीन से जुड़े सवाल पर भूपेश बघेल ने मंत्री केदार कश्यप पर निशाना साधते हुए पुराने परीक्षा प्रकरण का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान केदार कश्यप की पत्नी की जगह किसी अन्य महिला के परीक्षा देने का मामला सामने आया था और इसे बाद में सुलझा दिया गया। बघेल ने RDA जमीन विवाद को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा और केदार कश्यप पर टिप्पणी की। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।

LPG और दूध की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर बघेल ने महंगाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में महंगाई का असर और बढ़ सकता है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और दूध की कीमतों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को महंगाई नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों पर हो रही कार्रवाई को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि अस्पतालों में अनियमितता या लापरवाही हो रही थी तो सरकार ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। बघेल ने सरकार के लोगों पर अपने विभागों से जुड़े कामों के बजाय अन्य मामलों में अधिक सक्रिय रहने का आरोप लगाया।

नगर निगम में अधिकारियों और महापौर के बीच चल रहे विवाद को लेकर बघेल ने इसे सरकार के सुशासन के दावे से जोड़ते हुए सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी और अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद की स्थिति कैसे उत्पन्न हुई। बघेल ने सरकार की कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी की।

महानदी जल विवाद को लेकर होने वाली बैठक पर भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ के हितों के पक्ष में फैसला कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि महानदी से जुड़े कई प्रोजेक्ट रुके हुए हैं और गर्मी के दौरान जगदलपुर में जलापूर्ति के लिए भी जल संसाधनों का महत्व है। उन्होंने राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर ठोस पहल की आवश्यकता बताई।

धर्मांतरण के मुद्दे पर साहू समाज की ओर से जताई जा रही चिंता को लेकर भी बघेल ने सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल चिंता जताने या गंभीर होने की बात करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज अपनी ओर से कदम उठा रहा है, जबकि सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। बघेल ने इस मुद्दे पर सरकार पर तंज भी कसा।

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By admin