Chhattisgarh Durg News: दुर्ग। जिले में करीब दो महीने से बंद नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया अब दोबारा शुरू हो गई है। खाद्य विभाग ने राशन कार्ड बनवाने और पुराने कार्ड में नाम, पता सहित अन्य संशोधन के लिए स्मार्ट पीडीएस 2.0 पोर्टल खोल दिया है। आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन के दौरान करीब 40 बिंदुओं पर जानकारी देनी होगी और संबंधित दस्तावेजों को स्कैन कर अपलोड करना होगा। नए राशन कार्ड के लिए आवेदक को आधार नंबर, बैंक खाता नंबर और जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इसके अलावा वैवाहिक स्थिति, शैक्षणिक योग्यता, निवास प्रमाण पत्र और परिवार की फोटो जैसी जानकारियां भी मांगी जा रही हैं। खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया ने बताया कि संपूर्ण दस्तावेजों के साथ स्मार्ट पीडीएस 2.0 पोर्टल पर आवेदन प्रस्तुत करने के बाद राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया की जाएगी। आवेदन में परिवार के पास उपलब्ध सुविधाओं और संपत्ति से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। इसमें एसी, टीवी, प्लॉट, गैस कनेक्शन और बैंक खाते से संबंधित विवरण शामिल हैं। परिवार में किसी सदस्य के गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की स्थिति में उसकी जानकारी भी आवेदन में उपलब्ध करानी होगी। नए राशन कार्ड के लिए दस्तावेजों को स्कैन कर ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, कई आवेदकों को दस्तावेजों की स्कैनिंग में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि अधिकांश लोगों ने अपने दस्तावेजों को लेमिनेशन कराया हुआ है, जिससे स्कैनिंग के दौरान प्लास्टिक की वजह से परेशानी आती है। वहीं लेमिनेशन हटाने पर मूल दस्तावेज के फटने की आशंका भी बनी रहती है। इस बीच नगर निगम दुर्ग में कांग्रेस पार्षद दल के नेता संजय कोहले ने राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को सरल करने की मांग की है। उनका कहना है कि दस्तावेजों की अधिक संख्या और तकनीकी प्रक्रिया के कारण जरूरतमंद लोगों को परेशानी हो सकती है और कई लोग राशन कार्ड बनवाने से वंचित रह सकते हैं। पहले पोर्टल बंद होने के कारण नए कार्ड और पुराने राशन कार्ड में संशोधन के लिए लोग निगम और खाद्य विभाग के कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। अब पोर्टल खुलने के बाद आवेदकों को ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करना होगा। शेयर करें Post navigation Janjgir-Champa News: जांजगीर-चांपा में बाढ़ का कहर, शिवरीनारायण का संपर्क टूटा; शबरी पुल के ऊपर 6 फीट पानी Raipur News: सालों पुरानी मांग पर फैसला, मेडिकल पीजी छात्रों की छात्रवृत्ति में करीब 28 फीसदी और डेंटल में 58 फीसदी तक वृद्धि