Ram Temple Donation Controversy: अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन के मामले में कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने का दावा किया गया है। इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मामले को लेकर विपक्ष के हमलों के बीच अब बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने अपने बयान में कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में चोरी, गबन और हेराफेरी जैसी खबरें अत्यंत गंभीर और चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण भी उचित नहीं है। बसपा प्रमुख ने सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी शिकायतें न आएं, इसके लिए देश के अन्य प्रमुख मंदिरों में चढ़ावे के लेखा-जोखा और निगरानी की जो व्यवस्था लागू है, उसी तरह की पारदर्शी व्यवस्था अयोध्या में भी लागू की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति का अपराधीकरण, अपराध का राजनीतिकरण, धर्म का राजनीतिकरण और राजनीति का अंध-धर्मीकरण लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं है। इस बीच मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि मंदिर परिसर की सीसीटीवी फुटेज तय मानक के अनुसार 180 दिन तक सुरक्षित रखने के बजाय करीब 45 दिन बाद ही हटाई जा रही थी, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अब तक जांच एजेंसियों ने उनके खिलाफ किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एसआईटी जांच में फिलहाल उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला है, लेकिन किसी को क्लीन चिट भी नहीं दी गई है। वहीं ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा भी जांच के दायरे में हैं। जांच एजेंसियां उनके संभावित भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि जांच के दौरान उनसे पूछताछ की गई है, हालांकि जांच अभी जारी है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। फिलहाल चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, जबकि जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारियों और आरोपों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। शेयर करें Post navigation Gold-Silver Price Today: सोना ₹882 और चांदी ₹837 टूटी, निवेशकों की बढ़ी चिंता, जानें क्या है आज के लेटेस्ट रेट उद्धव ठाकरे को एक और झटका, MLC सचिन अहीर शिंदे गुट में शामिल, उपसभापति पद के उम्मीदवार बने