Rajgarh News: राजगढ़। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को राजगढ़ जिले में आयोजित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान-2026’ के समापन समारोह में हिस्सा लेते हुए जिले को विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, दिव्यांगजनों को ट्राय साइकिल वितरित की, महिलाओं को स्कूटी की चाबी सौंपी तथा स्व-सहायता समूहों और अन्य हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का जन आंदोलन है।

405 स्व-सहायता समूहों को 20 करोड़ की सहायता

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले के 405 स्व-सहायता समूहों को 20 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके अलावा विभिन्न हितग्राही योजनाओं के लाभार्थियों को भी लाभ वितरित किया गया। इस मौके पर राजगढ़ जिले के पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

जल संरक्षण में मध्य प्रदेश बना अग्रणी राज्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 19 मार्च से 30 जून तक चलाए गए 100 दिवसीय जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के तहत प्रदेशभर में कुएं, बावड़ियां, तालाब, अमृत सरोवर, नदियों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन का व्यापक अभियान चलाया गया।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख 62 हजार से अधिक जल स्रोतों का पुनरोद्धार किया गया है। राजगढ़ जिला इस अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के छह प्रमुख जिलों में शामिल रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से मध्य प्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।

राजगढ़ को मिली करोड़ों की विकास परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजगढ़ जिले में 341 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 30 से ज्यादा विकास कार्य किए गए हैं। समारोह के दौरान 247 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत वाले 14 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत वाले 17 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।

इन परियोजनाओं में जीरापुर स्थित सांदीपनि विद्यालय और करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल का लोकार्पण भी शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, सिंचाई और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम कर रही है।

जल संरक्षण को लेकर दिया बड़ा संदेश

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। हमारे शरीर का अधिकांश हिस्सा जल से बना है और भारतीय संस्कृति में नदियों, तालाबों, कुओं और बावड़ियों का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पार्वती, चंबल, कालीसिंध और क्षिप्रा जैसी नदियां आगे चलकर गंगा नदी में मिलती हैं, इसी भावना को ध्यान में रखते हुए इस अभियान का नाम ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ रखा गया है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण और पानी की प्रत्येक बूंद बचाने का संकल्प लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अल-नीनो के प्रभाव से इस वर्ष कम वर्षा की संभावना है, इसलिए जल संरक्षण पहले से अधिक आवश्यक हो गया है।

किसानों और लाड़ली बहनों का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और महिलाओं के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में 100 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी कर किसानों को 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में सिंचित क्षेत्र वर्ष 2023 के 44 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। वहीं राजगढ़ जिले में पिछले तीन वर्षों में सिंचाई का रकबा 50 हजार हेक्टेयर से बढ़कर ढाई लाख हेक्टेयर हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने महिलाओं के खातों में राशि भेज रही है तथा विद्यार्थियों को नि:शुल्क ड्रेस, किताबें और साइकिल भी उपलब्ध करा रही है।

सिंहस्थ-2028 और राजगढ़ के लिए की बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा कि लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए सड़क, परिवहन और आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है।

उन्होंने राजगढ़ जिले के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री ने द्वारिका योजना के तहत सारंगपुर, पचोर और राजगढ़ की सभी नगरपालिकाओं में सड़क विकास कार्यों की घोषणा की। साथ ही भैंसवामाता दिव्य लोक के निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए प्रथम चरण के लिए 20 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की।

‘जल बचाना ही भविष्य बचाना है’

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान का औपचारिक समापन भले ही हो गया हो, लेकिन जल संरक्षण का अभियान निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने सभी नागरिकों से पानी की एक-एक बूंद बचाने और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

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By admin