Gold-Silver Price Today: नई दिल्ली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजार में बदलते रुख और अमेरिका-ईरान के बीच हालिया घटनाक्रम के बीच निवेशकों की सतर्कता का असर घरेलू वायदा बाजार पर भी देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत से ही दोनों कीमती धातुएं लाल निशान में कारोबार करती रहीं। 882 रुपये टूटा सोना सोमवार सुबह करीब 10:52 बजे एमसीएक्स पर 5 अगस्त डिलीवरी वाला सोना 882 रुपये यानी 0.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,43,280 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। दिन की शुरुआत सोने ने 18 रुपये की मामूली बढ़त के साथ 1,44,180 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से की थी। पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,44,162 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान सोने ने 1,44,180 रुपये प्रति 10 ग्राम का इंट्राडे हाई और 1,43,057 रुपये प्रति 10 ग्राम का इंट्राडे लो दर्ज किया। चांदी भी फिसली एमसीएक्स पर 4 सितंबर डिलीवरी वाली चांदी भी कमजोरी के साथ कारोबार करती दिखी। सुबह करीब 10:52 बजे चांदी का भाव 837 रुपये यानी 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,22,635 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। चांदी ने दिन की शुरुआत 440 रुपये की तेजी के साथ 2,23,912 रुपये प्रति किलोग्राम पर की थी, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,23,472 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। दिन के कारोबार में चांदी का इंट्राडे हाई 2,24,248 रुपये प्रति किलोग्राम और इंट्राडे लो 2,22,510 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। सर्राफा बाजार में भी रही बड़ी गिरावट इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में दिल्ली सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। सोना 2,800 रुपये टूटकर 1,45,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया था। वहीं चांदी भी 5,000 रुपये की भारी गिरावट के साथ 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई थी, जो पिछले छह महीनों का सबसे निचला स्तर माना गया। उस दिन लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई थी। बाजार की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक संकेतकों, अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक घटनाक्रम और निवेशकों की बदलती रणनीति का असर सोने-चांदी की कीमतों पर लगातार दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियां, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक आंकड़े दोनों धातुओं की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शेयर करें Post navigation MP Weather: मानसून की रफ्तार धीमी, फिर भी बारिश का असर तेज: 6 जिलों में 4 इंच तक बारिश के आसार चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बीच मायावती का बयान, बोलीं- धर्म और राजनीति का न हो दुरुपयोग