MP Latest News: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार की संपत्तियों तथा कथित भूमि सौदों को लेकर उठे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष और एक मीडिया संस्थान द्वारा लगाए गए आरोपों का विस्तृत जवाब दिया है। पार्टी ने आठ बिंदुओं का एक तरह का ‘सफेद पत्र’ जारी करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। बीजेपी का कहना है कि न तो मुख्यमंत्री की संपत्ति में कोई असामान्य वृद्धि हुई है और न ही उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल किसी निजी लाभ के लिए किया है। कृषि भूमि में वृद्धि के आरोपों का खंडन बीजेपी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कृषि भूमि में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है। पार्टी के अनुसार नवंबर 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल शपथ-पत्र में उनके पास 17.967 एकड़ कृषि भूमि दर्ज थी और जून 2026 तक भी यही स्थिति बरकरार है। पार्टी का कहना है कि यह जानकारी पहले से सार्वजनिक है और चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत हलफनामे का हिस्सा है। परिजनों की संपत्तियां स्वतंत्र, मुख्यमंत्री से नहीं जुड़ी मुख्यमंत्री के परिवार और रिश्तेदारों की भूमि खरीद को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर बीजेपी ने कहा कि परिवार के सदस्य स्वतंत्र कारोबारी और करदाता हैं। पार्टी के मुताबिक सीमा यादव की भूमि में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ है। वहीं वैभव यादव और शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई जमीन या तो मुख्यमंत्री बनने से पहले खरीदी गई थी या फिर वह उज्जैन मास्टर प्लान क्षेत्र के दायरे में नहीं आती। सिद्धि विनायक देवकॉन कंपनी पर भी दिया जवाब सिद्धि विनायक देवकॉन प्राइवेट लिमिटेड को लेकर लगाए गए आरोपों पर बीजेपी ने कहा कि डॉ. मोहन यादव और उनकी पत्नी सीमा यादव वर्ष 2017 में ही कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे चुके थे। इसके अलावा मार्च 2026 में उन्होंने अपने सभी शेयर भी छोड़ दिए थे। पार्टी का दावा है कि कंपनी के पास मौजूद कुल भूमि का रकबा बढ़ने के बजाय पहले की तुलना में कम हुआ है। मास्टर प्लान-2035 से लाभ लेने के आरोप निराधार उज्जैन मास्टर प्लान-2035 को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी ने कहा कि यह मास्टर प्लान मई 2023 में प्रभावी हो चुका था, जबकि डॉ. मोहन यादव ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के बाद मास्टर प्लान को प्रभावित कर उससे लाभ लेने का आरोप तथ्यों से परे है। चुनावी हलफनामे में पहले से दर्ज हैं संपत्तियां पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार की संपत्तियों का पूरा विवरण वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल शपथ-पत्र में सार्वजनिक किया जा चुका है। ऐसे में इसे लेकर किसी प्रकार के रहस्य या छिपाव का सवाल नहीं उठता। बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष और कुछ मीडिया रिपोर्टों द्वारा तथ्यों को संदर्भ से काटकर मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। विपक्ष के आरोपों को बताया राजनीतिक अभियान बीजेपी नेताओं का कहना है कि आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के लिए एक सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है। पार्टी ने दावा किया कि सभी आरोप तथ्यहीन हैं और उनका उद्देश्य केवल भ्रम फैलाना है। बीजेपी ने कहा कि जनता के सामने सभी तथ्य मौजूद हैं और किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी से सच्चाई को नहीं बदला जा सकता। शेयर करें Post navigation “10 एकड़ से बढ़कर 250 एकड़ तक..” जमीन खरीद के आरोपों पर घिरे CM मोहन यादव, कांग्रेस ने उठाए संपत्ति बढ़ोतरी पर सवाल ‘Google Street’ के बाद ‘Donald Trump Avenue’, हैदराबाद को ग्लोबल पहचान देने की पहल