Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहत राशि और सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। बघेल ने बाढ़ पीड़ितों को दी जा रही राहत राशि को नुकसान की तुलना में अपर्याप्त बताते हुए कहा कि क्या आजकल 10 हजार रुपये में मकान बन जाता है। उन्होंने कहा कि यदि बाढ़ में लोगों का घर और घरेलू सामान डूब गया है तो इतनी राशि से हुए नुकसान की भरपाई कैसे होगी। बघेल ने यह भी सवाल उठाया कि यदि एसडीएम स्तर पर इससे अधिक राशि दी जा सकती है तो मुख्यमंत्री के दौरे का उद्देश्य क्या है। बघेल ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के मकान, घरेलू सामान और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान के अनुरूप पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को प्रभावित परिवारों को वास्तविक राहत देने पर ध्यान देना चाहिए। देश में चुनाव प्रक्रिया को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर भी भूपेश बघेल ने बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में ‘वोट चोरी’ हो रही है और जनादेश को प्रभावित किया जा रहा है। बघेल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी आरोप लगाए। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े निर्णयों को सभी तीन चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिया गया बताया है। बघेल ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे को लेकर कांग्रेस की आगामी बैठकों में आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देशभर में विरोध दर्ज कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सिंगापुर यात्रा को लेकर भी भूपेश बघेल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कई देशों की यात्रा कर चुके हैं और विदेश दौरों के बाद प्रदेश में हुए निवेश तथा रोजगार सृजन के आंकड़े सार्वजनिक किए जाने चाहिए। बघेल ने जापान यात्रा का उल्लेख करते हुए पूछा कि वहां से छत्तीसगढ़ में कितना निवेश आया और कितने लोगों को रोजगार मिला। उन्होंने सरकार से विदेश यात्राओं के बाद हुए वास्तविक निवेश और रोजगार की जानकारी सामने रखने की मांग की। भिलाई स्टील प्लांट में कथित लोहा चोरी मामले की जांच CBI को सौंपे जाने पर भी भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि पहले से मौजूद जांच एजेंसियों ने अब तक क्या कार्रवाई की। छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 सितंबर 2026 के आदेश के जरिए BSP से जुड़े कथित स्क्रैप चोरी मामले की जांच CBI को सौंपने के लिए सहमति दी है। बघेल ने इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों पर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘तोता’ कहा और छत्तीसगढ़ में अन्य मामलों की जांच को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, उनके बयान में लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं और संबंधित मामलों की जांच एवं उनके निष्कर्ष अलग-अलग स्तर पर प्रक्रिया में हैं। शेयर करें Post navigation Balodabazar News: 157 केंद्रों पर हुई राष्ट्रव्यापी महापरीक्षा, परिवार के छह सदस्यों ने साथ बैठकर दी साक्षरता की परीक्षा