Chhattisgarh Bhilai News

Chhattisgarh Bhilai News: भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की टाउनशिप, सेक्टर-9 अस्पताल और मैत्री बाग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव बुधवार से जनसंपर्क अभियान शुरू करेंगे। अभियान की शुरुआत सेक्टर-2 से होगी, जहां वे घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात करेंगे और टाउनशिप की बसाहट बचाने के लिए जनसमर्थन जुटाएंगे।

विधायक विशेष रूप से उन परिवारों से मिलेंगे, जिन्हें बीएसपी प्रबंधन की ओर से मकान खाली करने के नोटिस जारी किए गए हैं। वे प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। देवेंद्र यादव का कहना है कि लोगों के समर्थन के आधार पर इस मुद्दे को लोकतांत्रिक और गांधीवादी तरीके से बड़े जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।

देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि करीब छह महीने पहले हुए “भिलाई सत्याग्रह” आंदोलन के दौरान बीएसपी प्रबंधन ने आश्वासन दिया था कि सेक्टर-9 अस्पताल को न तो बेचा जाएगा और न ही किसी निजी संस्था को लीज पर दिया जाएगा। साथ ही टाउनशिप और मैत्री बाग की मौजूदा व्यवस्था को सुरक्षित रखने का भरोसा भी दिया गया था। लेकिन अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया है, जबकि लगातार जारी हो रहे नोटिसों से लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।

उन्होंने कहा कि भिलाई केवल एक औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि देशभर से आए लोगों की वर्षों पुरानी बसाहट और साझा संस्कृति की पहचान है। ऐसे में किसी भी परिवार को जबरन मकान खाली करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर इस लड़ाई को हर स्तर तक ले जाया जाएगा।

विधायक ने याद दिलाया कि छह महीने पहले भी उन्होंने इसी मुद्दे को लेकर सत्याग्रह आंदोलन किया था, जिसे बीएसपी प्रबंधन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया था। हाल ही में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने टाउनशिप के लाइसेंस आवास, लीज रजिस्ट्रेशन और रेंट रिटेंशन स्कीम से जुड़े मामलों को भी प्रमुखता से उठाया था। उनका कहना है कि लाइसेंस वाले मकानों के नवीनीकरण पर रोक, लीज रजिस्ट्रेशन में देरी और लगातार नोटिस जारी होने से हजारों परिवार असुरक्षा की भावना से गुजर रहे हैं।

देवेंद्र यादव का दावा है कि इस पूरे मामले से 10 हजार से अधिक परिवार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच यह आशंका भी है कि भविष्य में टाउनशिप के बड़े हिस्से को खाली कराकर निजी संस्थाओं या बिल्डरों को सौंपा जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। विधायक ने कहा कि उनकी टीम हर उस घर तक पहुंचेगी, जहां नोटिस भेजा गया है, और लोगों से चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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By admin