Chhattisgarh Kawardha News: कवर्धा। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जब निर्वाचन आयोग से सवाल करती है, तो जवाब भाजपा की ओर से दिया जाता है। बघेल ने कवर्धा में 67 हजार मतदाताओं के नाम काटे जाने के दावे पर सूची सार्वजनिक करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ और प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा के बयानों को लेकर भी सवाल उठाए।

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कवर्धा जिले के नेवारीगुड़ा पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक ही पंडाल के नीचे स्थापित 117 देवी-देवताओं के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने SIR और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर अपनी बात रखी। बघेल ने दावा किया कि देश में 13 करोड़ और छत्तीसगढ़ में 25 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि निर्वाचन आयोग से सवाल पूछे जाने पर भाजपा जवाब क्यों देती है। उनके मुताबिक, इससे निर्वाचन आयोग और भाजपा के बीच संबंधों को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

कवर्धा में 67 हजार मतदाताओं के नाम हटाए जाने के दावे को लेकर बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा के बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने मांग की कि जिन मतदाताओं के नाम काटे जाने की बात कही जा रही है, उनकी सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। बघेल ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर नाम हटाए जाने का दावा किया जा रहा है, तो इसकी जानकारी भी सार्वजनिक होनी चाहिए।

बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र में पिछले 12 वर्षों से भाजपा की सरकार है, ऐसे में घुसपैठ रोकने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने इस मुद्दे पर भाजपा से जवाब मांगा।

प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बघेल ने दावा किया कि विधानसभा में तीन बार सवाल पूछे जाने के बावजूद उन्हें जवाब नहीं मिला। उन्होंने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

भूपेश बघेल के इन बयानों के बाद SIR, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आंकड़ों और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए निर्वाचन आयोग तथा संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।

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By admin