Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। रायपुर की महिला की शिकायत पर दर्ज दहेज प्रताड़ना के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अमेरिका में रह रहे पति सुनील कुमार अग्रवाल को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम राहत समाप्त कर दी है। 16 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास और न्यायमूर्ति सुधीर कुमार की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता भारत में उपलब्ध नहीं हैं और उन्होंने कानून के तहत जमानत के लिए उचित उपाय भी नहीं अपनाए हैं। ऐसी स्थिति में गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा को अनिश्चितकाल तक जारी रखना उचित नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को होगी। यह मामला रायपुर के रवि नगर निवासी जिज्ञासा उर्फ नेहा गोयल और उनके पति सुनील कुमार अग्रवाल के वैवाहिक विवाद से जुड़ा है। 39 वर्षीय सुनील अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य के कैरी शहर में रहते हैं। इस मामले में उनके भाई मनोज कुमार अग्रवाल और भाभी भवानी अग्रवाल भी याचिकाकर्ता हैं, जो रायपुर के शुभम विहार, महावीर नगर के निवासी हैं। अदालती अभिलेख के अनुसार, सुनील और जिज्ञासा का विवाह 7 मई 2013 को हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के बाद दोनों अमेरिका में रहने लगे और उनके तीन बच्चे हुए। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि अप्रैल 2024 में कंपनी ने सुनील को एक परियोजना के सिलसिले में भारत भेजा था। परियोजना पूरी होने के बाद अप्रैल 2025 में वे तीनों बच्चों के साथ अमेरिका लौट गए। पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद जिज्ञासा रायपुर में रहने लगीं और उन्होंने महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई। दोनों पक्षों के बीच 15 मई और 2 जून 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से काउंसलिंग हुई, लेकिन समझौता नहीं हो सका। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर के 16 जनवरी 2026 के आदेश के पालन में 29 जनवरी 2026 को महिला थाना रायपुर में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 85 और 3(5) के तहत आरोप लगाए गए हैं। प्राथमिकी को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। 22 अप्रैल 2026 को अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए मनोज और भवानी अग्रवाल की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई थी। यह राहत जांच में सहयोग करने की शर्त पर दी गई थी। सुनील कुमार अग्रवाल की ओर से भी प्राथमिकी निरस्त करने की मांग की गई थी। 24 सितंबर को अदालत ने वैवाहिक विवाद को देखते हुए सुनील और उनकी पत्नी को अगली सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। सुनील के अमेरिका में रहने की जानकारी मिलने के बाद उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने की अनुमति दी गई, जबकि पत्नी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का विकल्प दिया गया था। 16 अक्टूबर को सुनील वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित हुए, जबकि उनकी पत्नी अपने अधिवक्ता के साथ व्यक्तिगत रूप से पहुंचीं। खंडपीठ ने दोनों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत के बाद अदालत ने पाया कि आपसी सहमति से विवाद सुलझने की संभावना नहीं है। अदालत ने अभिलेखों का अवलोकन करते हुए पाया कि सुनील 13 अप्रैल 2025 को भारत छोड़कर अमेरिका जा चुके थे, जबकि प्राथमिकी 29 जनवरी 2026 को दर्ज हुई थी। इन परिस्थितियों में खंडपीठ ने सुनील कुमार अग्रवाल को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा समाप्त कर दी। हालांकि, प्राथमिकी को चुनौती देने वाली याचिका पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है। मामले को आगे की सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर 2026 को सूचीबद्ध किया गया है। शेयर करें Post navigation Kawardha News: जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताकर निरस्त किया अंत्योदय राशन कार्ड, पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने खाद्य मंत्री से मांगी कार्रवाई Kawardha News: मतदाता सूची पुनरीक्षण और बांग्लादेशी घुसपैठ पर भूपेश बघेल ने उठाए सवाल, गृहमंत्री विजय शर्मा के बयानों पर भी साधा निशाना