Chhattisgarh Bilaspur News : बिलासपुर। पत्नी पर मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाने के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे रायपुर के अजय ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए उसकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी, जिससे उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रहेगी। न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों और हाई कोर्ट के निर्णय में दखल देने का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने याचिका दायर करने में हुई देरी को माफ करते हुए मामले की सुनवाई की, लेकिन अंततः याचिका खारिज कर दी। मामला रायपुर जिले के अभनपुर क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 24 जुलाई 2018 को अजय ठाकुर ने अपनी पत्नी सुजाता ठाकुर पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। गंभीर रूप से झुलसी सुजाता की 28 जुलाई 2018 को इलाज के दौरान मौत हो गई। जांच में पति का दूसरी महिला से संबंध और इसी बात को लेकर दंपती के बीच विवाद की बात सामने आई थी। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, रायपुर ने 30 अप्रैल 2019 को अजय ठाकुर को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ दायर अपील को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 28 अगस्त 2025 को खारिज कर दिया था। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में मृतका के डाइंग डिक्लेरेशन को स्वैच्छिक और विश्वसनीय माना था। चिकित्सकों ने प्रमाणित किया था कि गंभीर रूप से झुलसने के बावजूद वह बयान देने की स्थिति में थी। इसके अलावा पड़ोसियों की गवाही और एफएसएल जांच में मिले साक्ष्यों ने भी अभियोजन के पक्ष को मजबूत किया था। इन्हीं तथ्यों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने भी हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए अजय ठाकुर की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी और उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी। शेयर करें Post navigation Raipur News: रायपुर में भाजपा कोर कमेटी की अहम बैठक, संगठन और आगामी रणनीति पर मंथन Durg News: दुर्ग में अंधे कत्ल का खुलासा, महिला हत्याकांड में 2 आरोपी गिरफ्तार