Chhattisgarh Patan News: पाटन। नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोंटा में कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए 2013 बैच के वीर पुलिस अधिकारी एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को पाटन के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पाटन एसडीओपी अनूप लकड़ा, पुलिस जवानों एवं नागरिकों ने शहीद अधिकारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में एसडीओपी अनूप लकड़ा, विभागीय कर्मचारी चंद्रभान बर्रे, उत्तम देशमुख, नीरज लिंबू सहित वरिष्ठ नागरिक रेखा देवांगन, पोषण कोसरे, मुकेश सेन एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। सभी ने शहीद आकाश राव गिरिपुंजे के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण को याद करते हुए उन्हें नमन किया। साथी जवानों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि आकाश राव गिरिपुंजे केवल आदेश देने वाले अधिकारी नहीं थे, बल्कि जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले सच्चे नेतृत्वकर्ता थे। कठिन परिस्थितियों और खतरों के बावजूद वे हमेशा सबसे आगे रहकर अपनी टीम का नेतृत्व करते थे। उनके लिए पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और सेवा का संकल्प थी। माओवादियों की साजिश में हुई थी शहादत 9 जून 2025 को कोंटा थाना क्षेत्र के डोंडरा गांव के समीप स्थित गिट्टी खदान में नक्सलियों ने पोकलेन मशीन को आग के हवाले कर सुरक्षा बलों को चुनौती देने का प्रयास किया था। सूचना मिलते ही एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे अपनी टीम के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए। लेकिन नक्सलियों ने पहले से ही इलाके में आईईडी विस्फोटक बिछाकर घातक साजिश रच रखी थी। पुलिस टीम के पहुंचते ही हुए भीषण विस्फोट में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। नम हुईं साथी जवानों की आंखें प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कई जवान भावुक नजर आए। साथियों ने बताया कि शहीद अधिकारी हमेशा टीम का मनोबल बढ़ाते थे और विपरीत परिस्थितियों में भी उनका आत्मविश्वास प्रेरणा देता था। उनकी कार्यशैली और नेतृत्व आज भी पुलिस बल के लिए मिसाल है। पाटन से था विशेष जुड़ाव शहीद आकाश राव गिरिपुंजे लंबे समय तक पाटन में पदस्थ रहे और एसडीओपी के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पूरी ईमानदारी, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ दायित्वों का निर्वहन किया। पाटन क्षेत्र के नागरिकों और पुलिस परिवार के साथ उनका गहरा जुड़ाव रहा, जिसके चलते आज भी लोग उन्हें सम्मान और गर्व के साथ याद करते हैं। शेयर करें Post navigation Surajpur News: सिलौटा के PF-68 कक्ष में बड़ी कार्रवाई, वन विभाग ने हटाया अवैध कब्जा, अतिक्रमणकारियों को दी चेतावनी किकिरमेटा में गूंजा छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत, ‘मोर संग चलव रे’ गाकर विजय बघेल ने बांधा समां