Chhattisgarh Kawardha News: कवर्धा। जिले में धान खरीदी सीजन 2025-26 के दौरान उपार्जन केंद्रों से लेकर संग्रहण केंद्रों तक धान के स्टॉक और उठाव के मिलान में बड़ी कमी सामने आई है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, उपार्जन केंद्रों में करीब 11 करोड़ 93 लाख रुपये और संग्रहण केंद्रों में लगभग 5 करोड़ 70 लाख रुपये मूल्य के धान का अंतर दर्ज किया गया है। दोनों को मिलाकर यह राशि 17 करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक है। आठ समितियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद धान की कमी की पूरी भरपाई नहीं हो सकी है। कवर्धा जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान 108 उपार्जन केंद्रों में कुल 6 लाख 37 हजार 235 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी। खरीदी के बाद उठाव और उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया गया, तो विभागीय आंकड़ों के अनुसार 6 लाख 33 हजार 392 मीट्रिक टन धान का ही हिसाब मिल पाया। इस तरह करीब 3,848 मीट्रिक टन धान की कमी दर्ज की गई। जानकारी के मुताबिक, जिले के 52 उपार्जन केंद्रों में धान की कमी सामने आई, जबकि शेष 56 केंद्रों में कमी दर्ज नहीं की गई। मामले में खाद्य विभाग और विपणन विभाग ने संबंधित समितियों के खिलाफ कार्रवाई की। आठ समितियों के विरुद्ध थानों में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई। इसके बावजूद कमी की पूरी भरपाई नहीं हो पाई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि धान की कमी के लिए जिम्मेदारी तय करने और नुकसान की वसूली की प्रक्रिया कब पूरी होगी। धान की कमी का मामला उपार्जन केंद्रों तक ही सीमित नहीं है। जिले के बाजार चारभाठा और बघर्रा स्थित दोनों संग्रहण केंद्रों में भी स्टॉक का अंतर सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उपार्जन केंद्रों से उठाव के बाद इन संग्रहण केंद्रों में करीब 6 लाख 20 हजार क्विंटल धान रखा गया था। अंतिम उठाव और स्टॉक मिलान के दौरान लगभग 18 हजार 400 क्विंटल धान की कमी दर्ज की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ 70 लाख रुपये बताई गई है। पिछले वर्ष भी धान को चूहों से नुकसान पहुंचने के आरोपों के बीच करीब सात करोड़ रुपये के धान के नुकसान का मामला सामने आया था। अब एक बार फिर बड़े पैमाने पर धान की कमी सामने आने से भंडारण और स्टॉक प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मौजूदा मामले में कमी के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा विभागीय कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा। कबीरधाम जिला विपणन अधिकारी किशोर चंद्रा ने बताया कि धान की कमी की भरपाई संबंधित समितियों को मिलने वाले कमीशन से कटौती करके की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में खाद्य विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। शेयर करें Post navigation Raipur News: कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ मुहिम पर भाजपा विधायक का पलटवार, नेहरू के प्रधानमंत्री बनने को लेकर उठाया सवाल Korba News: दुर्गा पंडालों के भ्रमण के दौरान विवाद, CAF जवान पर गाली-गलौज का आरोप; मेडिकल परीक्षण कराया गया