Chhattisgarh News: रायपुर। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे से पहले प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि जहां-जहां राहुल गांधी जाते हैं, वहां कांग्रेस का बंटाधार हो जाता है, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा की चुनावी सफलताओं और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे “लोकतंत्र की डकैती” तक करार दिया है।

दरअसल, कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के लिए आयोजित होने वाले प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी के शामिल होने की संभावना है। राहुल गांधी के दौरे की चर्चा के बीच दोनों प्रमुख नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।

रमन सिंह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

दुर्ग सर्किट हाउस में मीडिया से चर्चा के दौरान डॉ. रमन सिंह ने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी कटाक्ष किया।

रमन सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि राहुल गांधी को एक-दो बार और छत्तीसगढ़ का दौरा करना चाहिए, ताकि यहां भी कांग्रेस की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

उनके इस बयान को कांग्रेस पर राजनीतिक हमला और आगामी राजनीतिक गतिविधियों से पहले भाजपा की रणनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

भूपेश बघेल का पलटवार, चुनावी जीत पर उठाए सवाल

रमन सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा की चुनावी सफलताओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए हैं, वहां भाजपा का स्ट्राइक रेट लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो सामान्य राजनीतिक परिस्थितियों में संभव प्रतीत नहीं होता।

भूपेश बघेल ने हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इतनी बड़ी चुनावी सफलता कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि जब डॉ. रमन सिंह स्वयं मुख्यमंत्री थे और प्रदेश में लोकप्रिय नेता माने जाते थे, तब भी उन्हें इतनी बड़ी चुनावी सफलता हासिल नहीं हुई थी।

‘चोरी नहीं, लोकतंत्र की डकैती’

भूपेश बघेल ने भाजपा की चुनावी जीत को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केवल चुनावी जीत का मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं की भूमिका को कमजोर किया जा रहा है।

बघेल ने कहा कि पहले मतदाता सरकार चुनते थे, लेकिन अब ऐसी स्थिति बनाई जा रही है कि सरकारें ही विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से यह तय करने का प्रयास कर रही हैं कि कौन मतदाता रहेगा और कौन नहीं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक प्रवृत्ति बताते हुए “लोकतंत्र की डकैती” की संज्ञा दी।

ईवीएम को लेकर भी उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में हजारों ईवीएम मशीनों के नष्ट होने की खबरें सामने आई हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उनका कहना था कि यदि ईवीएम से जुड़ी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, तो इससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस दिशा में स्पष्टता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी की।

10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे राहुल गांधी

कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में 21 जून से 30 जून 2026 तक 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर रायपुर के चांदी मोड़ स्थित अग्नियोटम अलका अवतार मंगल भवन में आयोजित होगा।

इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा पत्र जारी कर सभी जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों को अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी प्रशिक्षण शिविर के किसी एक दिन शामिल होकर संगठनात्मक मजबूती, जनसंपर्क, बूथ प्रबंधन और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों को मार्गदर्शन देंगे। राहुल गांधी की मौजूदगी को प्रदेश कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दौरे से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल

राहुल गांधी के संभावित दौरे ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इसे लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। एक ओर भाजपा राहुल गांधी के नेतृत्व और कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस भाजपा की चुनावी जीतों और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर सवाल खड़े कर रही है।

ऐसे में राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा और प्रशिक्षण शिविर में उनका संबोधन आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

शेयर करें

By admin