Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। मिल्की मलाई ब्रांड का पनीर एक बार फिर गुणवत्ता जांच में अमानक पाया गया है। कन्हेरा स्थित फैक्ट्री में तैयार पनीर के ताजा नमूने की प्रयोगशाला जांच में दूध की वसा निर्धारित मानक से कम और नमी तय सीमा से अधिक मिली है। इससे उत्पाद की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार, पनीर में शुष्क पदार्थ के आधार पर दूध की वसा 47.86 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि निर्धारित मानक के मुताबिक यह कम से कम 50 प्रतिशत होनी चाहिए। वहीं, नमी की मात्रा 66.29 प्रतिशत मिली, जबकि इसकी अधिकतम सीमा 60 प्रतिशत है। इन कमियों के आधार पर नमूने को अमानक घोषित किया गया है। इससे पहले मिल्की मलाई ब्रांड के एनालॉग पनीर की जांच में हेयर डाई में इस्तेमाल होने वाले रसायन की मौजूदगी सामने आने की बात कही गई थी। हालांकि, मौजूदा नमूने की रिपोर्ट में ऐसे रसायन का उल्लेख नहीं है। इसलिए पिछली जांच के निष्कर्ष और ताजा रिपोर्ट को अलग-अलग देखा जाना जरूरी है। ताजा जांच में बीआर रीडिंग 43.9 और आयोडीन मान 37.02 दर्ज किए गए, जिन्हें रिपोर्ट में निर्धारित सीमा के भीतर बताया गया है। इसके बावजूद वसा और नमी के मानकों में अंतर के कारण पनीर गुणवत्ता परीक्षण में पास नहीं हो सका। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री का संचालन मुरैना निवासी हिमांशु बंसल द्वारा किया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि फैक्ट्री में पनीर का निर्माण जारी है और इसकी सप्लाई छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा तक की जा रही है। पिछली जांच में रसायन मिलने के मामले और ताजा नमूना अमानक पाए जाने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में एनालॉग पनीर के निर्माण पर लागू प्रतिबंधों और संबंधित फैक्ट्री की गतिविधियों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी। उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा को देखते हुए विभागीय जांच और नियमानुसार कार्रवाई पर अब नजर रहेगी। शेयर करें Post navigation Chhattisgarh Latest News: रायपुर में 21 अक्टूबर से हॉकी लीग का आगाज, ओलंपियन और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिखाएंगे दम Bilaspur News: साइबर ठगों ने स्कूल संचालक के बैंक खाते को बनाया म्यूल अकाउंट, 1.12 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा