Chhattisgarh Korba News: कोरबा। खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सख्त रुख अपनाया है। निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी और स्कूल भवन निर्माण में कई अनियमितताएं सामने आईं। कहीं तय मानक से कम मोटाई का सरिया लगाया जा रहा था, तो कहीं निर्धारित मापदंड के अनुरूप टाइल्स नहीं मिलीं। गड़बड़ी सामने आने पर कलेक्टर ने मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनपद पंचायत कटघोरा के ग्राम जेंजरा और सलोरा में डीएमएफ मद से बन रहे आंगनबाड़ी, स्कूल और पीडीएस भवनों का निरीक्षण किया। जेंजरा के निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन में स्लैब में लगाए जा रहे सरिया की गुणवत्ता और मोटाई पर उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने मौके पर ही सीढ़ी मंगवाकर सब इंजीनियर से सरिया की जांच कराई। जांच में 8 एमएम सरिया लगाए जाने की जानकारी के बावजूद कई स्थानों पर 6 एमएम सरिया पाया गया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने पंचनामा तैयार कर एफआईआर दर्ज करने और संबंधित सब इंजीनियर को निलंबित करने के निर्देश दिए। जेंजरा में ही स्कूल भवन के फर्श पर लगाई गई टाइल्स भी निर्धारित मापदंड के अनुरूप नहीं मिलीं। कलेक्टर ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, ग्राम सलोरा में पीडीएस भवन की प्लिंथ जमीन के स्तर से काफी नीचे मिली, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए जांच के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि डीएमएफ की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए है और इसके उपयोग में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और तय समयसीमा के अनुसार कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटघोरा में आदिवासी विकास विभाग द्वारा बन रहे स्कूल भवन का भी निरीक्षण किया। निर्माण कार्य में देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने इसे अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जेंजरा के जर्जर आंगनबाड़ी भवन का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जनपद में लंबित फाइलों और उपयोगिता प्रमाण पत्रों को लेकर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि पूर्ण हो चुके कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र अनावश्यक रूप से नहीं रोके जाने चाहिए, क्योंकि इससे भुगतान और विकास कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने जनपद सीईओ को कर्मचारियों के कार्यों की जांच करने और फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जेंजरा के उपयोगिता प्रमाण पत्र में देरी पाए जाने पर संबंधित बाबू का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम विपिन दुबे, अपर कलेक्टर माधुरी सोम ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। शेयर करें Post navigation Raipur News: रकम लेने के बाद काम पूरा नहीं करने का आरोप, नीरज पांडेय के खिलाफ शिकायत Bastar News: मृत और अपात्र हितग्राहियों पर कार्रवाई, 5925 नाम हटाए गए; 5600 पर भी खतरा