Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्यायिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल करते हुए पीएससी के जरिए चयनित 56 नए सिविल जजों को पहली पदस्थापना दी है। इसके साथ ही 15 न्यायिक अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश भी जारी किए गए हैं। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा विभिन्न आदेश और अधिसूचनाएं जारी की गई हैं।

राज्य शासन द्वारा प्रोबेशन पर नियुक्त 56 नए सिविल जजों जूनियर डिवीजन को उनकी पहली जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी नव-नियुक्त न्यायिक अधिकारियों को 29 अगस्त तक अपनी पदस्थापना वाले स्थान पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

हायर ज्यूडिशियल सर्विस के पांच न्यायिक अधिकारियों का भी तबादला किया गया है। दंतेवाड़ा परिवार न्यायालय के जज हरीश कुमार अवस्थी को प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर बनाया गया है। ममता पटेल को अंबिकापुर से द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिलासपुर की जिम्मेदारी दी गई है। ज्योति अग्रवाल को पेंड्रारोड से न्यायाधीश राजनांदगांव पदस्थ किया गया है।

इसी तरह नमिता मिंज भास्कर का भी तबादला किया गया है, जबकि एन सिंह साहू को राजनांदगांव से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) दंतेवाड़ा के पद पर पदस्थ किया गया है।

रायपुर के प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज शर्मा को एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत रायपुर विशेष अदालत का विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं अंबिकापुर में कमलेश जगदल्ला को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश और स्मिता रत्नावत को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) की जिम्मेदारी दी गई है।

सिविल जज सीनियर डिवीजन संवर्ग में भी कई अधिकारियों की पदस्थापना की गई है। सतीश कुमार खाखा को प्रतापपुर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) एवं प्रथम सिविल जज सीनियर डिवीजन मुंगेली बनाया गया है। भगवान दास पनिका को प्रतापपुर, श्वेता पटेल को छुईखदान, ईशान व्यास को दुर्ग और नीलेश जगदल्ला को राजनांदगांव में पदस्थ किया गया है।

दुर्ग के द्वितीय अतिरिक्त जज रवि कुमार कश्यप को प्रतिनियुक्ति पर हाईकोर्ट में ओएसडी बनाया गया है। इसके अलावा सिविल जज जूनियर डिवीजन संवर्ग के सात न्यायिक अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं।

हाईकोर्ट के इस न्यायिक फेरबदल से प्रदेश के विभिन्न जिलों में न्यायिक अधिकारियों की पदस्थापना व्यवस्था में बदलाव हुआ है। नए सिविल जजों को पहली जिम्मेदारी मिलने के साथ ही संबंधित न्यायालयों में न्यायिक कामकाज को और गति मिलने की उम्मीद है।

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By admin