Chhattisgarh Latest News: तखतपुर। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तखतपुर के स्थगन आदेश के बावजूद ग्राम पंचायत मेंड्रा के खसरा नंबर 154/1 में नामांतरण किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि संबंधित भूमि की खरीदी-बिक्री, निर्माण कार्य और नामांतरण पर आगामी आदेश तक रोक लगाए जाने के बाद भी सकरी तहसीलदार द्वारा इसी खसरे में नामांतरण आदेश पारित किया गया। मामला सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अवैध प्लाटिंग की सूचना पर लगाया गया था स्थगन जानकारी के अनुसार, खसरा नंबर 154/1 में कथित अवैध प्लाटिंग कर जमीन की बिक्री किए जाने की सूचना के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तखतपुर ने आदेश जारी किया था। आदेश के तहत संबंधित भूमि की खरीदी-बिक्री, निर्माण कार्य और नामांतरण पर आगामी आदेश तक रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद इसी खसरे में नामांतरण आदेश पारित किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब भूमि पर सक्षम अधिकारी का स्थगन आदेश प्रभावी था, तो उसके बाद नामांतरण की कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई। पटवारी प्रतिवेदन में भी स्थगन का उल्लेख मामले में संबंधित हल्का पटवारी की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन में भी भूमि पर स्थगन आदेश का उल्लेख होने की जानकारी सामने आई है। यदि स्थगन आदेश और उसकी जानकारी राजस्व रिकॉर्ड व पटवारी प्रतिवेदन में मौजूद थी, तो नामांतरण की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ी, यह जांच का विषय बन गया है। प्रकरण दोबारा अवलोकन में लिया गया नामांतरण आदेश को लेकर विवाद बढ़ने के बाद प्रकरण को पुनः अवलोकन में लिए जाने की बात सामने आई है। इससे राजस्व अधिकारियों के आदेशों के पालन और विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की जा रही है। हालांकि, नामांतरण आदेश किन परिस्थितियों में पारित हुआ और इस संबंध में संबंधित अधिकारी का क्या पक्ष है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। तहसीलदार का पक्ष नहीं आया सामने मामले में सकरी तहसीलदार राहुल शर्मा का पक्ष जानने के लिए फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके चलते फिलहाल उनका पक्ष सामने नहीं आ सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। आईडी के इस्तेमाल को लेकर भी उठे सवाल सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि निचले स्तर की एक महिला कर्मचारी द्वारा तहसीलदार की आईडी का इस्तेमाल किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि किसी अधिकारी की आधिकारिक आईडी किसी अधीनस्थ कर्मचारी द्वारा संचालित की जा रही है, तो इसकी वैधता और जिम्मेदारी भी जांच का विषय हो सकती है। सवाल यह भी है कि यदि कार्य सुविधा के लिए आईडी का इस्तेमाल किसी अधीनस्थ कर्मचारी से कराया गया, तो उस दौरान हुए कार्यों की निगरानी और जिम्मेदारी किसकी थी। इन तमाम बिंदुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। एसडीएम ने कहा- नियम विरुद्ध हुआ तो होगी कार्रवाई तखतपुर एसडीएम नितिन तिवारी ने मामले में जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि स्थगन आदेश के बाद भी नामांतरण किया गया है तो यह नियम विरुद्ध है। मामले की जांच कराई जाएगी और यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ राजस्व अधिनियम के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि स्थगन आदेश के बावजूद नामांतरण की कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। शेयर करें Post navigation CG News: एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे उपराष्ट्रपति, मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए समुचित व्यवस्था के निर्देश Chhattisgarh News: फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट की होगी त्वरित जांच, मेडिकल बोर्ड के जरिए होगी पड़ताल