Chhattisgarh Dhamtari News: धमतरी। गंगरेल बांध से भगवान नेमीनाथ की एक दुर्लभ प्रतिमा मिलने के बाद इलाके में उत्सुकता बढ़ गई है। प्रतिमा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। प्रतिमा की पहचान जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में शामिल भगवान नेमीनाथ के रूप में की गई है। हालांकि इसकी वास्तविक प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, गंगरेल घूमने पहुंचे कुछ जैन पर्यटकों की नजर बोटिंग चालक के पास रखी एक प्रतिमा पर पड़ी। प्रतिमा को देखकर जैन श्रद्धालुओं ने इसे भगवान नेमीनाथ की प्रतिमा के रूप में पहचाना। इसके बाद प्रतिमा को लेकर लोगों में चर्चा शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि प्रतिमा संगमरमर से बनी हुई है और देखने में काफी पुरानी प्रतीत होती है। हालांकि शुरुआती तौर पर प्रतिमा के करीब 37 साल पुरानी होने की बात सामने आ रही है, जबकि कुछ लोगों की ओर से इसे सदियों पुरानी बताया जा रहा है। इसकी वास्तविक उम्र और ऐतिहासिक महत्व का पता विशेषज्ञों की जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल प्रतिमा को धमतरी स्थित दिगंबर जैन मंदिर में सुरक्षित रख दिया गया है। प्रतिमा के मंदिर पहुंचने के बाद जैन समाज के श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता और आस्था देखने को मिल रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह प्रतिमा गंगरेल बांध तक कैसे पहुंची और इसे बोटिंग चालक के पास किसने रखा था। साथ ही प्रतिमा वास्तव में कितनी पुरानी है और इसका ऐतिहासिक महत्व क्या है, यह भी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। शेयर करें Post navigation Raipur News: शिक्षकों की पदोन्नति में TET अनिवार्यता पर बवाल, कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने सौंपा ज्ञापन Bilaspur News: अनुकंपा नियुक्ति पर हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी, दो बेटों में उम्र में बड़े दावेदार को पहली प्राथमिकता