Chhattisgarh Raipur News : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान से 1225 क्विंटल सरकारी चावल के कथित गबन का बड़ा मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की जांच में करीब 50.09 लाख रुपये मूल्य के चावल की कमी मिलने के बाद महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष, विक्रेता और सहायक विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामला ग्राम पंचायत सेरीखेड़ी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान का है, जिसका संचालन वर्ष 2024 से श्री राधा मोहन महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जा रहा था। खाद्य निरीक्षक की शिकायत पर समूह की अध्यक्ष माया यादव, विक्रेता अंजू यादव और सहायक विक्रेता हरिशंकर साहू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान कई हितग्राहियों ने शिकायत की कि दुकान समय पर नहीं खुलती थी और पहले ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगवाकर वितरण दर्ज कर लिया जाता था, जबकि वास्तविक राशन कई दिन बाद दिया जाता था। 30 अक्टूबर 2025 को हुए औचक निरीक्षण में ऑनलाइन रिकॉर्ड में 1012.42 क्विंटल चावल दर्ज मिला, लेकिन मौके पर सिर्फ 35 क्विंटल चावल उपलब्ध था। बाद में 23 नवंबर 2025 को दोबारा हुए सत्यापन में विभिन्न योजनाओं के रिकॉर्ड का मिलान करने पर कुल 1225 क्विंटल चावल की कमी सामने आई। खाद्य विभाग ने इसकी कीमत 50 लाख 9 हजार 956 रुपये आंकी है और इसे शासन को हुई प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति बताया है। विभाग ने बताया कि संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन न तो उसका जवाब दिया गया और न ही चावल की भरपाई की गई। इसके बाद कलेक्टर (खाद्य शाखा) के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कराई गई। मंदिर हसौद थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस और खाद्य विभाग अब वित्तीय लेन-देन, खाद्यान वितरण और रिकॉर्ड की विस्तृत जांच में जुटे हैं। शेयर करें Post navigation Jagdalpur News : वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई: मक्के की खड़ी फसल पर चला ट्रैक्टर, किसानों में नाराजगी Dhamtari News : धमतरी में फर्जी सिम सिंडिकेट का खुलासा: हजारों सिम जारी कर साइबर अपराधियों तक पहुंचा रहे थे एजेंट