Chhattisgarh Raigarh News : रायगढ़। जिले के तमनार ब्लॉक स्थित नागरमुड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बीते एक माह के भीतर 40 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई कर दी गई, जबकि वन विभाग से लगभग 13,537 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई थी। आरोप है कि कटाई के दौरान बेशकीमती सागौन और सराई के पेड़ों को भी बड़े पैमाने पर हटाया गया, जिससे पूरा क्षेत्र ठूंठ में तब्दील हो गया है। जन चेतना मंच के संयोजक राजेश त्रिपाठी का कहना है कि नागरमुड़ा क्षेत्र में पहले 50 से 60 हजार तक घने और मूल्यवान पेड़ मौजूद थे, लेकिन मशीनों के जरिए तेजी से कटाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी करते हुए पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है। साथ ही सराई जैसे प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। वहीं, वन विभाग के घरघोड़ा एसडीओ आशुतोष मांडवा ने बताया कि जिंदल की प्रस्तावित कोयला खदान के लिए 13,537 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई थी। उन्होंने कहा कि कटाई की जद में साल सहित कई छोटे-बड़े पेड़ शामिल हैं। हालांकि, कटे हुए पेड़ों के परिवहन और वास्तविक संख्या को लेकर विवाद बना हुआ है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के बावजूद विरोध के स्वर दबे हुए हैं। मामले को लेकर कंपनी का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। अब इस पूरे मामले में वन विभाग की निगरानी, पर्यावरणीय नियमों के पालन और कटाई की वास्तविक संख्या को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शेयर करें Post navigation Korba News : छत्तीसगढ़ में अगस्त से दौड़ेंगी 40 ई-बसें, कॉलोनियों तक पहुंचेगी आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सेवा Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में खेलों को मिलेगा नया मुकाम, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़