Dharmendra Pradhan Resigns: नई दिल्ली। नीट पेपर लीक विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पिछले कई दिनों से छात्र संगठन, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दल लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब सरकार और CJP नेताओं के बीच आंदोलन समाप्त कराने के लिए बातचीत का तीसरा दौर प्रस्तावित था। इस्तीफे को सरकार की ओर से आंदोलन को शांत करने और राजनीतिक दबाव कम करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। कई दिनों से जारी था आंदोलन NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्र सड़कों पर उतर आए थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और हिंसक झड़पों के बाद यह मुद्दा और अधिक गंभीर हो गया था। विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग की थी। इस्तीफे की मांग बनी थी मुख्य मुद्दा CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी थीं, जिनमें सबसे अहम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा था। पहले दो दौर की बातचीत में सरकार ने इस मांग पर तत्काल सहमति नहीं दी थी, लेकिन लगातार बढ़ते जनदबाव और विरोध प्रदर्शनों के बीच अब धर्मेंद्र प्रधान ने पद छोड़ दिया है। सरकार जल्द करेगी अगली घोषणा सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम पर फैसला ले सकते हैं। साथ ही केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में व्यापक बदलावों की दिशा में भी आगे बढ़ सकती है। आंदोलन पर रहेगी नजर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सबकी निगाहें छात्र संगठनों और CJP की अगली रणनीति पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस्तीफे के बाद आंदोलन समाप्त होता है या छात्र परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और अन्य मांगों को लेकर अपना विरोध जारी रखते हैं। शेयर करें Post navigation Congress Protest News: प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी को उठा ले गई पुलिस, प्रियंका और अखिलेश यादव भी हिरासत में