Seoni News: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में किसानों और भूमि स्वामियों से लगान तथा डायवर्सन शुल्क के नाम पर कथित फर्जीवाड़ा करने वाले तत्कालीन पटवारी अरुण कुमार सनोड़िया के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने मामला दर्ज किया है। आरोपी पर सरकारी राशि का गबन करने और फर्जी सरकारी चालान देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप है।

जांच के अनुसार, तत्कालीन पटवारी अरुण सनोड़िया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फोन-पे और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लोगों से टैक्स की राशि अपने निजी खाते में मंगवाई। आरोप है कि यह राशि सरकारी खजाने में जमा करने के बजाय उसने अपने पास रख ली और पीड़ितों को खुद तैयार किए गए फर्जी चालान सौंप दिए। इस कथित फर्जीवाड़े से शासन और आम लोगों को करीब 6 लाख रुपये का नुकसान हुआ।

मामले का खुलासा एकता कॉलोनी निवासी राजकुमार साहू की शिकायत से हुआ। उन्होंने मकान टैक्स के नाम पर 5,400 रुपये जमा किए थे, लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें दिया गया चालान फर्जी था। शिकायत के बाद तत्कालीन एसडीएम मेघा शर्मा ने जिला कोषालय से चालान का सत्यापन कराया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद आरोपी पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि अन्य पीड़ितों को भी फर्जी चालान दिए गए थे। जांच में रामकुमार कुशवाहा के नाम पर 89,550 रुपये, शीतल चंद भूरा के नाम पर 5.04 लाख रुपये के फर्जी चालान तथा सुनील नाहर के मामले में 17,256 रुपये के गबन की पुष्टि हुई। जिला कोषालय अधिकारी के सत्यापन में सभी चालान सरकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं मिले।

अब ईओडब्ल्यू जबलपुर ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शेयर करें

By admin