CG News: धरसींवा। रायपुर जिले के धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के जरौदा स्थित नूतन इस्पात फैक्ट्री में बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया। फैक्ट्री में काम के दौरान करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घायलों को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। वहीं मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। काम के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, नूतन इस्पात फैक्ट्री में तीन मजदूर नियमित रूप से काम कर रहे थे। इसी दौरान वे अचानक करंट की चपेट में आ गए। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सहकर्मियों की मदद से तीनों को गंभीर हालत में निजी अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान अनिल यादव की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल मजदूरों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। मौत की खबर से परिजनों में मचा कोहराम अनिल यादव की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि अनिल अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी राजेश्वरी यादव, दो मासूम बच्चे और वृद्ध पिता हैं। अनिल की असमय मौत के बाद पूरे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने फैक्ट्री गेट पर किया प्रदर्शन घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन फैक्ट्री के मुख्य गेट पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फैक्ट्री में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है और मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए बिना जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था। 40 लाख मुआवजे और परिवार की सुरक्षा की मांग धरना-प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के नेता सोहन निषाद ने मृतक के परिवार को 40 लाख रुपये का मुआवजा देने, बच्चों की शिक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी उठाने तथा परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता और उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फैक्ट्री प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के कई घंटे बाद भी फैक्ट्री प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा। इससे लोगों में और अधिक नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। प्रशासन जुटा जांच में हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटना की जानकारी जुटाई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही घायलों के उपचार और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन नहीं कराया गया तो भविष्य में भी इस तरह के हादसे दोहराए जा सकते हैं। शेयर करें Post navigation Dongargarh Fire News: शॉर्ट सर्किट से लगी आग की आशंका, दमकल और स्थानीय लोगों ने मिलकर बुझाई आग Raipur News: AI से बदलेगा छत्तीसगढ़; शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन में तकनीक का होगा बड़ा इस्तेमाल