Shivraj Singh Chouhan Angry: रायसेन। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान रायसेन जिले के सिलवानी में आयोजित जनकल्याण शिविर के दौरान मंच पर ही नाराज हो गए। कार्यक्रम के संचालक द्वारा सभा में मौजूद लोगों से उनके स्वागत के लिए खड़े होने की अपील किए जाने पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताते हुए जनता के सम्मान को सर्वोपरि बताया।

दरअसल, संचालक ने शिवराज सिंह चौहान को संबोधन के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सभी लोग खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत करें। जैसे ही शिवराज सिंह ने माइक संभाला, उन्होंने इस पर नाराजगी व्यक्त की।

उन्होंने कहा, “ये बहुत गलत है, लोगों को बार-बार खड़ा करवाना। मैं इसकी आपत्ति प्रकट करता हूं। जनता मूर्ख थोड़ी है कि बार-बार खड़े हो जाओ, खड़े हो जाओ। जनता ही भगवान है और उसी को बार-बार खड़ा करवा रहे हो।”

इसके बाद उन्होंने मंच से लोगों को बैठने का आग्रह करते हुए कहा, “मैं तो सबका सेवक हूं। आप सब बैठिए, आपके लिए मामा खड़ा रहेगा।”

शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता ही सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नेता जनता का सेवक होता है, मालिक नहीं। जनता का सम्मान करना और उसकी सेवा करना ही जनप्रतिनिधियों का सबसे बड़ा दायित्व है।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके इस वक्तव्य का तालियों के साथ स्वागत किया। शिवराज सिंह के इस बयान को जनता के प्रति उनके सम्मान और संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा है।

वहीं, इस घटना ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी एक संदेश दिया है। लोगों का मानना है कि यदि जनसेवा से जुड़े सभी तंत्र इसी भावना के साथ काम करें, तो आम नागरिकों को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए सरकारी दफ्तरों के बाहर घंटों कतारों में खड़ा रहने की परेशानी से राहत मिल सकती है।

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By admin