नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित महारैली को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने रैली में लाखों लोगों के शामिल होने का दावा किया है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और तेलंगाना समेत कई राज्यों से पार्टी कार्यकर्ताओं के दिल्ली पहुंचने की बात कही जा रही है। रैली को देखते हुए शनिवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हाईलेवल सिक्योरिटी मीटिंग हुई। करीब तीन घंटे चली बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पिछले पांच महीनों के दौरान हुए प्रदर्शनों, पुलिसकर्मियों पर हमले और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई। बवाल हुआ तो उपद्रवियों पर हो सकता है एक्शन रैली के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है। सरकार की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासन की कोशिश है कि बड़े राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान राजधानी में किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। BJP का राहुल गांधी पर ‘टूलकिट’ वाला हमला रैली को लेकर बीजेपी ने भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह एक ऐसी ‘टूलकिट’ के तौर पर काम कर रहे हैं, जिसे विदेशों से संचालित किया जा रहा है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली की सड़कों पर अराजकता पैदा कर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। 12 अक्टूबर के प्रदर्शन का भी बीजेपी ने किया जिक्र बीजेपी ने 12 अक्टूबर को हुए विपक्षी प्रदर्शन का भी जिक्र किया है। पार्टी का दावा है कि उस समय कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया था, लेकिन वास्तविक संख्या काफी कम रही। बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष की कई पार्टियां मिलकर भी सीमित इलाके में ही भीड़ जुटा पाई थीं। व्यापारी संघ ने रैली स्थगित करने की मांग की इस बीच 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली को लेकर व्यापारी संघ ने राहुल गांधी को पत्र लिखा है। व्यापारी संघ ने रैली के कारण दिल्ली में यातायात और कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताते हुए इसे स्थगित करने की मांग की है। अब 1 नवंबर की रैली को लेकर कांग्रेस के दावे और बीजेपी के आरोपों के बीच राजधानी की सियासत गरमा गई है। शेयर करें Post navigation आंध्र प्रदेश की सियासत में गरमाया परिवार विवाद, नायडू ने जगन पर लगाए गंभीर आरोप