Chhattisgarh Latest News: छत्तीसगढ़। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर 2026 को रायपुर में नुआखाई महोत्सव के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने नुआखाई पर्व को भारतीय संस्कृति, कृषि परंपरा, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और भारतीय जीवन-मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर देते हैं। राष्ट्रपति ने अन्न, किसानों और प्रकृति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अन्न केवल भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रत्येक युवा के भीतर कुछ नया करने, बेहतर बनाने और अपनी पहचान स्थापित करने की इच्छा होनी चाहिए। युवाओं को अपने व्यक्तिगत प्रयासों को सामूहिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जोड़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से ऊंचे सपने देखने, व्यापक सोच रखने और हर काम ईमानदारी, निष्ठा तथा संवेदनशीलता के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े निर्णयों से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है। ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नुआखाई मिलन समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक और राष्ट्रीय कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने तथा पुरुषों, विशेषकर युवाओं, से बहनों-बेटियों को अपने सपने पूरे करने के लिए स्वतंत्र और सहयोगी वातावरण देने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार, सोच और दैनिक आचरण में भी दिखाई देना चाहिए। राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से दूर होकर मुख्यधारा में शामिल हो रहे युवाओं के संबंध में भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले आतंक का अंधेरा था, वहां अब विकास का उजियारा फैल रहा है। इस परिवर्तन से युवाओं और उनके परिवारों के कल्याण के साथ-साथ राज्य और देश के विकास को भी गति मिल रही है। शेयर करें Post navigation Bilaspur News: विभाग ने परीक्षा नहीं कराई तो कर्मचारी की वेतनवृद्धि रोकना गलत, हाई कोर्ट ने दिए बकाया लाभ देने के निर्देश Chhattisgarh Latest News: बस दुर्घटना पर CM साय ने जताया गहरा शोक, घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता और बेहतर इलाज के निर्देश