Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की तैयारियों को लेकर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने अधिकारियों को जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को पंजीयन और टोकन प्राप्त करने से लेकर खरीदी केंद्रों में धान बेचने तक किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी केंद्रों में बारदाना, इलेक्ट्रॉनिक तौल, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। मंत्री बघेल की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में धान खरीदी की तैयारियों, कस्टम मिलिंग, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), खाद्यान्न भंडारण और परिवहन सहित विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी होनी चाहिए। खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों में उपलब्ध संसाधनों की जांच कर कमियों को दूर किया जाए। मंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को खरीदी केंद्रों में अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और टोकन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो। किसानों को प्रक्रिया से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए तथा सामने आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और नए धान खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक माप-तौल की समुचित व्यवस्था करने पर भी जोर दिया। कस्टम मिलिंग और धान के उठाव की समीक्षा करते हुए बघेल ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का आकलन कर समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी, उठाव और कस्टम मिलिंग के बीच बेहतर समन्वय रखा जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित हो सके। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में 83.33 लाख राशन कार्ड प्रचलित हैं, जिनमें 274.04 लाख सदस्य पंजीकृत हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित 3.08 करोड़ आबादी के आधार पर राज्य में पीडीएस का कवरेज लगभग 89 प्रतिशत बताया गया। मंत्री बघेल ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली जरूरतमंद परिवारों की खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए उचित मूल्य दुकानों तक खाद्यान्न की समय पर आपूर्ति और पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दुकानों में पर्याप्त अग्रिम भंडारण रखने और राशन परिवहन के दौरान खाद्यान्न तौलकर सौंपने की व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत प्रदेश में 57.16 लाख राशन कार्ड प्रचलित हैं, जिनसे 198.16 लाख सदस्य जुड़े हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 26.17 लाख राशन कार्डों में 75.87 लाख सदस्य पंजीकृत हैं। प्रदेश में अंत्योदय, प्राथमिकता, सामान्य, निराश्रित और निःशक्तजन श्रेणियों के राशन कार्डों के माध्यम से करोड़ों लोगों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ दिया जा रहा है। खाद्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पारदर्शिता और सुगमता से पहुंचे। धान खरीदी से लेकर राशन वितरण तक किसानों और आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, संचालक फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउस के संचालक आशीष टिकरिहा, संचालक माप-तौल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। शेयर करें Post navigation Surguja News: त्योहार देखने निकले दो भाइयों की सड़क दुर्घटना में गई जान, पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए शव Chhattisgarh Latest News: छत्तीसगढ़ को मिले 8.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव, श्रम आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर