CG Bastar News: बस्तर। जिले के करपावंड गांव में जमीन विवाद को लेकर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब राजस्व विभाग की टीम अदालत के आदेश पर जमीन की नापजोख और कब्जा दिलाने पहुंची। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों और प्रशासनिक अमले के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। घटना में जमीन मालिक, जमीन बेचने वाले व्यक्ति और राजस्व निरीक्षक (आरआई) के साथ मारपीट की गई। घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया, जिसके चलते पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

10 एकड़ जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा था विवाद

जानकारी के अनुसार करपावंड निवासी शेराराम चौधरी ने मदन निषाद से लगभग 10 एकड़ 10 डिसमिल भूमि खरीदी थी। इस जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद फैसला शेराराम चौधरी के पक्ष में आया। कोर्ट के आदेश के पालन में राजस्व विभाग की टीम जमीन की नापजोख कर कब्जा दिलाने गांव पहुंची थी।

नापजोख के दौरान बढ़ा विवाद, हुई मारपीट

राजस्व अधिकारियों द्वारा सीमांकन और कब्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और गुस्साए लोगों ने जमीन मालिक, जमीन बेचने वाले व्यक्ति तथा मौके पर मौजूद राजस्व निरीक्षक के साथ मारपीट कर दी। अचानक हुई घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

प्रशासन ने कहा- कुछ लोगों ने भड़काया माहौल

राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश और सरकारी अभिलेखों के आधार पर की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार कुछ लोगों ने जानबूझकर ग्रामीणों को भड़काया, जिसके कारण स्थिति बिगड़ी और हिंसक घटना हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने रिकॉर्ड और नक्शे पर उठाए सवाल

वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों और ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों का कहना है कि जिस सरकारी नक्शे के आधार पर जमीन की नापजोख की जा रही थी, वह वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता। ग्रामीणों का आरोप है कि रिकॉर्ड में त्रुटियां हैं और पहले उन्हें सुधारा जाना चाहिए था। उनका कहना है कि गलत नक्शे के आधार पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई से विवाद उत्पन्न हुआ।

गांव में पुलिस बल तैनात, जांच शुरू

घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कानून व्यवस्था बनाए रखने पर प्रशासन का जोर

प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि भूमि विवाद से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। फिलहाल करपावंड गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।

शेयर करें

By admin