Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान दुर्गा महाविद्यालय में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक छात्र-छात्राओं और महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 27 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाल विवाह निषेध दिवस के रूप में मान्यता दिए जाने की खुशी साझा की। वक्ताओं ने इसे बाल अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। कार्यक्रम की शुरुआत बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता का संदेश देने वाले विशेष पोस्टरों के विमोचन और प्रदर्शन के साथ हुई। इस दौरान वक्ताओं ने जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन (JRC) के प्रयासों और बाल विवाह के खिलाफ चलाए गए अभियान की संघर्ष यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों के बाद बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ भारत की मुहिम को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रतिभा मुखर्जी साहूकार ने जेआरसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था की मेहनत और समर्पण के कारण भारत से शुरू हुआ यह अभियान आज दुनिया के लिए मार्गदर्शक बन रहा है। उन्होंने इसे भारतीयों के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि भारत ने बाल विवाह के खिलाफ जिस दिशा में पहल की, उसे अब वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के राज्य समन्वयक विपिन ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों, इससे बचाव के कानूनी उपायों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के खिलाफ भारत के प्रयासों को मिली वैश्विक मान्यता देश को बाल अधिकारों की रक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला देश स्थापित करती है। जिला बाल संरक्षण इकाई के गैर-संस्थागत संरक्षण अधिकारी संजय निराला ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई। उन्होंने बच्चों के अधिकारों की रक्षा और बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी को जरूरी बताया। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. प्रतिभा मुखर्जी साहूकार, डॉ. सुनीता चंसोरिया, जिला बाल संरक्षण इकाई से गैर-संस्थागत संरक्षण अधिकारी संजय निराला, सामाजिक कार्यकर्ता गोरखनाथ पटेल और वरिष्ठ पत्रकार सरिता दुबे विशेष रूप से उपस्थित रहे। महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, अध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता और एकजुटता का संदेश दिया। शेयर करें Post navigation Patan News: पठनवार प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाया हुनर, स्पीड रीडिंग से क्विज बैटल तक हुआ शानदार प्रदर्शन Raipur News: नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस, नगर निगम से पंचायत तक पर्यवेक्षकों की नियुक्ति