Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर यादव समाज रायपुर के तत्वावधान में 5 सितंबर 2026 को राजधानी में विशाल बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली का शुभारंभ महादेवघाट स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से हुआ, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए काली मंदिर और शहीद कौशल यादव चौक पहुंची, जहां सभा का आयोजन किया गया।

रैली में यादव समाज के विभिन्न वर्गों, संगठनों और क्षेत्रों से आए सामाजिक प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, महिलाओं, युवाओं तथा समाज के प्रबुद्धजनों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकता, भाईचारे और संगठन की भावना को मजबूत करना था। रैली के दौरान कांकेर की श्रीमती प्रज्ञा यादव राधा-कृष्ण के स्वरूप में रथ पर सुशोभित रहीं, जिससे आयोजन का आकर्षण और बढ़ गया।

कार्यक्रम का मंच संचालन महासमुंद जिला कोसरिया यादव समाज के अध्यक्ष श्री विनोद यादव ने किया। सभा में मुख्य अतिथि के रूप में सरगुजा जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवनारायण यादव मौजूद रहे। इसके अलावा नगर पंचायत विश्रामपुर की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला यादव, नगर पंचायत राजिम के अध्यक्ष श्री महेश यादव, नगर पंचायत गरियाबंद के अध्यक्ष श्री रिखी राम यादव, छत्तीसगढ़ यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुधीर यादव, महिला विंग ठेठवार यादव समाज की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती ललिता यादव, श्री जितेंद्र बहादुर सिंह, श्री निरंजन यादव, श्री कमल यादव, सुश्री शोभा यादव, श्रीमती अरुणा यादव, श्रीमती भारती यादव, श्रीमती लक्ष्मी यादव, श्री जय यादव, श्री माधव यादव, श्री प्रभाकरकांत यादव, श्रीमती ममता यादव, श्रीमती वेदकुमारी यादव, श्री राहुल यादव, श्री संजय यादव, श्रीमती जया यादव और सुश्री अनीता यादव सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं समाज के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि श्री देवनारायण यादव ने कहा कि प्रदेश स्तर पर यादव समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास सराहनीय और दूरदर्शी पहल है। समाज को एक मंच पर लाकर संगठित करने का यह प्रयास आने वाले समय में यादव समाज को नई दिशा और नई शक्ति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि समाज की एकता और संगठन के इस कार्य में जब भी उनके सहयोग की आवश्यकता होगी, वे हरसंभव सहयोग के लिए तैयार रहेंगे।

उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब समाज संगठित होगा, एक-दूसरे के सुख-दुःख में सहभागी बनेगा और सामूहिक रूप से विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा, तभी समाज का वास्तविक और सर्वांगीण विकास संभव होगा। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर निकाली गई बाइक रैली केवल उत्सव का माध्यम नहीं, बल्कि यादव समाज की एकता, संगठन और सामाजिक समरसता का मजबूत संदेश है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यादव समाज विभिन्न वर्गों और संगठनों में विभाजित है, ऐसे में आवश्यकता है कि सभी वर्ग आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर सामाजिक एकता और भाईचारे के साथ एक मंच पर आएं। इसी उद्देश्य से राजधानी रायपुर से निकाली गई बाइक रैली के माध्यम से पूरे समाज को एकता का संदेश दिया गया। इस दौरान समाजजनों ने युवाओं को आगे बढ़ाने, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सहयोग और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए मिल-जुलकर काम करने का संकल्प लिया।

मंच संचालन कर रहे श्री विनोद यादव ने सामाजिक एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केवल संगठन और मंच पर एक साथ आने से समाज की वास्तविक एकता संभव नहीं है। यादव समाज के विभिन्न वर्गों के बीच रोटी-बेटी का संबंध मजबूत होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता की शुरुआत दूसरों से नहीं, बल्कि अपने घर और परिवार से होनी चाहिए।

श्री विनोद यादव ने बताया कि वे स्वयं कोसरिया यादव समाज से होने के बावजूद अपने परिवार के सदस्य का विवाह झेरिया यादव समाज में करने का निर्णय ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस विवाह समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। उनके इस निर्णय को कार्यक्रम में मौजूद समाजजनों ने सामाजिक समरसता और एकता की दिशा में सकारात्मक एवं अनुकरणीय पहल के रूप में देखा।

कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि समाज की शक्ति केवल उसकी संख्या में नहीं, बल्कि एकजुटता, संगठन, आपसी सहयोग और सामाजिक समरसता में है। विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों का एक मंच पर आना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया। यादव समाज रायपुर ने जन्माष्टमी के अवसर पर समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर सामाजिक एकता मजबूत करने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सहयोग और विकास के नए अवसर तैयार करने का संकल्प लिया। श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर आयोजित यह विशाल बाइक रैली धार्मिक आयोजन के साथ-साथ यादव समाज की सामाजिक एकता, समरसता और संगठन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई।

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By admin