Indore News: इंदौर। सोशल मीडिया पर चर्चित एक दंपति द्वारा दायर याचिका पर शुक्रवार को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिका में मौजूद तकनीकी कमियों और दस्तावेजों से संबंधित आपत्तियों को दूर करने के लिए याचिकाकर्ता पक्ष को 10 दिन का समय दिया है। कोर्ट ने फिलहाल मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है और निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद अगली सुनवाई की जाएगी। याचिका में दंपति ने दावा किया है कि उनका विवाह पूरी तरह वैध है, लेकिन कुछ रिकॉर्ड और दस्तावेजों में कथित बदलाव कर उनकी वैवाहिक स्थिति को विवादित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि जन्म संबंधी दस्तावेजों में हेरफेर कर युवती को नाबालिग साबित करने की कोशिश की गई, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से याचिका की प्रक्रिया और संलग्न दस्तावेजों को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई गईं। वहीं दंपति की ओर से अदालत में जन्म प्रमाण पत्र की मूल प्रति प्रस्तुत की गई। दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका में मौजूद कमियों को दूर कर सभी दस्तावेजों को विधिवत रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब युवती की उम्र को लेकर सवाल उठने लगे थे। शिकायतों और जांच के दौरान संबंधित एजेंसियों ने विवाह के समय युवती की आयु को लेकर संदेह व्यक्त किया था। इसके बाद पुलिस ने भी मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। दंपति ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि उनके विवाह से जुड़े मामले को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और इसे अनावश्यक रूप से सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई। उन्होंने अदालत से जन्म प्रमाण पत्र को रिकॉर्ड में बहाल करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। फिलहाल हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई आगे बढ़ाते हुए याचिकाकर्ता पक्ष को 10 दिन का समय दिया है। अब सभी आवश्यक दस्तावेज और कमियां दूर किए जाने के बाद मामले की अगली सुनवाई होगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। शेयर करें Post navigation MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक जल्द, 15 से 18 जून के बीच प्रवेश के आसार; कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट Dewas News: प्रशासन ने शुरू की जांच, घायलों का इलाज जारी