CG Weather Update: रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और आने वाले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मौसमी तंत्र के प्रभाव से प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान सरगुजा और बस्तर संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। वहीं रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर और आसपास के इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों में कई स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। रायपुर में दिनभर छाए रहेंगे बादल राजधानी रायपुर में बुधवार की तरह गुरुवार को भी सुबह से आसमान में काले बादल छाए रहे। दोपहर तक उमस ने लोगों को परेशान किया, लेकिन बाद में हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया। आज भी शहर में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने रायपुर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है। इन मौसम प्रणालियों से बढ़ेगी बारिश मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में कई मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। औसत समुद्र तल पर पंजाब से लेकर उत्तर बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका (ट्रफ) फैली हुई है। इसके अलावा उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे दक्षिणी बांग्लादेश के ऊपर 1.5 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुक रहा है। इसी प्रणाली के प्रभाव से 3 जुलाई 2026 के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। मौसम विभाग का कहना है कि इन सभी सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता बढ़ेगी और कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है। अब तक सामान्य से 60 प्रतिशत कम बारिश मानसून सक्रिय होने के बावजूद इस वर्ष छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य से लगभग 60 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। जून महीने में बारिश की कमी के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई थी, लेकिन अब मौसम विभाग को उम्मीद है कि जुलाई के पहले सप्ताह में होने वाली अच्छी बारिश से वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। इन जिलों में दर्ज किया गया अधिकतम तापमान मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान बलरामपुर-रामानुजगंज में 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा— बिलासपुर – 34.0 डिग्री सेल्सियस जशपुर – 33.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर – 33.1 डिग्री सेल्सियस कोरबा – 32.9 डिग्री सेल्सियस दुर्ग – 30.6 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर – 28.2 डिग्री सेल्सियस बारिश की वजह से अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली चमकने के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर से दूर रहने तथा मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की अपील की है। साथ ही किसानों को भी खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। शेयर करें Post navigation CG Jagdalpur News: AI ने पकड़ा पुलिस विभाग का करोड़ों का वेतन घोटाला, तीन आरक्षक जेल पहुंचे Bhilai News: दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गुजरात से साइबर ठग गिरफ्तार, APK फाइल भेजकर भिलाई निवासी से उड़ाए थे 4 लाख रुपये